क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) दुर्ग एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। यहाँ दलाली प्रथा और बिना टेस्ट ड्राइव के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) जारी किए जाने के गंभीर आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। युवा कांग्रेस (युकां) ने इन अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। आरोप है कि दस्तावेजी प्रमाण सौंपने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
1500 की जगह 3500, बिना टेस्ट डीएल
युकां नेताओं का आरोप है कि परिवहन विभाग और एजेंटों की मिलीभगत से निर्धारित सरकारी शुल्क की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है।
0 लर्निंग और परमानेंट डीएल का कुल सरकारी शुल्क लगभग 1500 है।
0 एजेंटों के माध्यम से लाइसेंस बनवाने पर आवेदक से 3500 तक वसूले जा रहे हैं, जो दोगुने से भी अधिक है।
0 युकां के दीपांकर साहू और अन्य कार्यकर्ताओं का सबसे गंभीर आरोप यह है कि कई लाइसेंस बिना किसी वास्तविक टेस्ट ड्राइव के ही जारी किए जा रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज और स्टिंग के प्रमाण भी बेअसर
शिकायतकर्ता जयंत देशमुख और दीपांकर साहू ने बताया कि उन्होंने पहले ही कलेक्टर के समक्ष इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और कार्रवाई के लिए ठोस प्रमाण भी दिए थे।
पहला प्रमाण – उन्होंने 5 दिन के आरटीओ कार्यालय का सीसीटीवी फुटेज अधिकारियों को सौंपा था, जिसमें बिना टेस्ट ड्राइव के लाइसेंस बनाने के प्रमाण थे।
दूसरा प्रमाण – अधिकारियों द्वारा अनदेखी किए जाने के बाद, उन्होंने एक कार्यकर्ता से दोबारा एजेंट के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस बनवाया, जो 3500 लेकर बिना टेस्ट ड्राइव के जारी कर दिया गया।
एफआईआर और जाँच तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रशासन की इस निष्क्रियता से निराश युवा कांग्रेस (युकां) ने अब परिवहन कार्यालय के सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। उनकी मांगें
0 मनमाने ढंग से अधिक शुल्क लेने वाले एजेंटों और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
0 बिना टेस्ट ड्राइव के जारी किए गए सभी संदिग्ध लाइसेंसों की उच्च स्तरीय जाँच हो।