नए शैक्षणिक सत्र से पहले छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं की पड़ताल में सामने आई लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सुकमा जिले में औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था, साफ-सफाई की कमी और अधिकारियों-कर्मचारियों की अनुपस्थिति मिलने पर कई अधीक्षकों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि कुछ अधिकारियों से प्रभार भी वापस ले लिया गया।


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर और सहायक आयुक्त ने 25 जून को विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों का निरीक्षण किया था। समीक्षा बैठकों में पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं मिलने पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के भोजराज ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारी सौंपी गई है।


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर और सहायक आयुक्त ने 25 जून को विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों का निरीक्षण किया था। समीक्षा बैठकों में पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं मिलने पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
