शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया निरीक्षण, जल्द तैयार होगी ड्राइंग-डिजाइन और स्वीकृति के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
दुर्ग। दुर्ग जिला मुख्यालय स्थित वर्ष 1904 में निर्मित 100 वर्ष से अधिक पुराने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय भवन का जल्द नवनिर्माण किया जाएगा। लंबे समय से जिले की शिक्षा व्यवस्था के संचालन का प्रमुख केंद्र रहे इस ऐतिहासिक भवन को अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। जर्जर हो चुके वर्तमान भवन के स्थान पर बनने वाला नया कार्यालय शिक्षा प्रशासन को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी, पारदर्शी और जनसुविधा आधारित बनाएगा।

प्रस्तावित नए भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण, अभिलेखों के सुरक्षित संधारण की व्यवस्था, डिजिटल कार्यप्रणाली तथा शिक्षक, पालक एवं आम नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक सेवाएं विकसित की जाएंगी। इससे शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी मजबूती मिलेगी।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जिले की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का संचालन केंद्र होता है। यहीं से विद्यालय संचालन, शिक्षकों की व्यवस्थाएं, विद्यार्थियों के हित, शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और शासन की शिक्षा संबंधी योजनाओं की निगरानी एवं क्रियान्वयन किया जाता है। ऐसे में इस कार्यालय का आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होना समय की आवश्यकता है।


उन्होंने बताया कि राशि स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और इंजीनियरों को पुराने भवन का परीक्षण कर शीघ्र ड्राइंग एवं डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधारभूत संरचना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला होती है। बेहतर कार्यालयीन व्यवस्था से प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर विद्यालयों तक पहुंचेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल विद्यालयों के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा से जुड़े प्रत्येक संस्थान और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। दुर्ग के डीईओ कार्यालय का नवनिर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा।
