एक ओर दुर्ग नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों की जमीनी हकीकत निगम की तैयारियों की पोल खोल रही है। वार्ड क्रमांक 24 गुरुनानक नगर में कचरे के बढ़ते अंबार और बदहाल सफाई व्यवस्था ने निगम के स्वच्छता अभियान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुनानक नगर स्थित करतार भवन के पीछे पूरे वार्ड का कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह स्थान अब अस्थायी कचरा डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुका है।

रहवासियों का जीना हुआ मुश्किल
कचरे के ढेर से उड़ती गंदगी और सड़ांध के कारण आसपास रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है, वहीं मच्छरों और संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। रहवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कचरे का उठाव करने या डंपिंग स्थल को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग लगातार अनसुनी की जा रही है।

स्वच्छता सर्वेक्षण पर उठे सवाल
स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 के लिए शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाने की कवायद के बीच गुरुनानक नगर की यह तस्वीर निगम के दावों को कटघरे में खड़ा कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक रिहायशी इलाके में ही कचरे का अंबार लगा हो तो शहर को स्वच्छता में बेहतर रैंक दिलाने के दावे केवल कागजी साबित होते हैं।
आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि करतार भवन के पीछे जमा कचरे का तत्काल उठाव कराया जाए और वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

रहवासियों की प्रमुख मांगें
करतार भवन के पीछे जमा कचरे का तत्काल उठाव
वैकल्पिक स्थान पर वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन
नियमित सफाई और फॉगिंग की व्यवस्था
संक्रमण रोकने विशेष स्वच्छता अभियान
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
