प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने बुधवार को दुर्ग में विद्युत विभाग का घेराव कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर “तीहरी मार” डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिजली दर बढ़ाने, स्मार्ट मीटर थोपने और खराब बिजली व्यवस्था देने का काम कर रही है।
वोरा ने कहा कि बिजली शुल्क बढ़ाने के बाद भी जनता को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मिली है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिजली सप्लाई बेहतर हुई, क्या कटौती बंद हुई, क्या वोल्टेज की समस्या खत्म हुई या लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलने लगी है? यदि नहीं, तो आखिर बिजली दरों में बढ़ोतरी का औचित्य क्या है?

फाइव स्टार शुल्क, लेकिन थर्ड क्लास सेवा
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार उपभोक्ताओं से फाइव स्टार सेवा का शुल्क वसूल रही है, लेकिन बदले में उन्हें टूटी-फूटी और अनियमित बिजली आपूर्ति मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली को जनसेवा नहीं बल्कि राजस्व वसूली का माध्यम बना दिया है।
200 यूनिट मुफ्त बिजली पर भाजपा को घेरा
अरुण वोरा ने कांग्रेस सरकार की बिजली राहत योजना का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देकर लोगों को राहत दी गई थी। उन्होंने सवाल किया कि यदि तब यह संभव था तो वर्तमान भाजपा सरकार इसे लागू करने से क्यों बच रही है?

विज्ञापनों में व्यस्त सरकार, जनता परेशान’
वोरा ने आरोप लगाया कि राज्य की बिजली व्यवस्था आज भी पुराने ढर्रे पर चल रही है। गांवों और शहरों में घंटों बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अनियमित सप्लाई से लोग परेशान हैं, जबकि सरकार विज्ञापनों और आत्मप्रशंसा में व्यस्त है कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दर वृद्धि वापस नहीं ली गई और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।