दुर्ग जिले में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाटन तहसील के ग्राम अमलीडीह में अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की टीम ने लगभग 27.35 हेक्टेयर भूमि पर किए गए अनधिकृत विकास कार्यों को हटाने की कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार ग्राम अमलीडीह, पटवारी हल्का नंबर-10 स्थित खसरा क्रमांक 15000 की भूमि पर स्वीकृत लेआउट (अभिन्यास) के विपरीत बड़े पैमाने पर भूखंडों का उपविभाजन किया गया था। इसके साथ ही अवैध रूप से सड़क निर्माण, बाउंड्रीवॉल और अन्य विकास कार्य कर भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव किया जा रहा था।

नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संबंधित फर्म मेसर्स दमयंती इन्फ्रास्ट्रक्चर डंगनिया को नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर विभाग ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की।
अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन की सख्ती
बताया जा रहा है कि पाटन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और कृषि भूमि के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर प्रशासन की नजर है। अमलीडीह की यह कार्रवाई ऐसे मामलों में बड़ा संदेश मानी जा रही है।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग की सहायक संचालक वर्षा दीवान मिश्रा, वरिष्ठ शोध सहायक अनुप कुमार गढ़े, अनुरेखक सजल शर्मा, पाटन तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, पटवारी रूपेंद्र साहू, अमलीडीह थाना प्रभारी सहित राजस्व, पुलिस एवं नगर निवेश विभाग का अमला मौजूद रहा।
