दुर्ग के धमधा ब्लॉक के ग्राम खपरी में किसान बंधु संगठन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने कृषि ऋण, कर्ज माफी और बैंक द्वारा जारी नोटिसों को लेकर गहरी नाराजगी जताई। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि कर्ज माफी योजना के दौरान कई पात्र किसानों को लाभ नहीं मिला, जबकि कुछ किसानों का शत-प्रतिशत ऋण माफ कर दिया गया।

किसानों का कहना है कि समान परिस्थितियों के बावजूद कर्ज माफी में भेदभाव बरता गया, जिससे अनेक किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। बैठक में उपस्थित किसानों ने बताया कि IDBI बैंक, नेहरू नगर द्वारा ऋण वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है तथा जमीन नीलामी के नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। इससे किसान मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। बैठक में किसानों ने कहा कि कर्ज माफी से वंचित रह जाने के कारण उन्हें अब ब्याज और ऋण वसूली की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र किसानों को न्याय दिलाने की मांग की।

समाधान नहीं तो आंदोलन
इसी मुद्दे को लेकर किसान नेता बाबा टेकसिंह चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), धमधा से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करने का निर्णय लिया। किसानों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति पर भी विचार करेंगे।
कई किसान परिवार परेशान
किसानों का आरोप है कि कर्ज माफी योजना के क्रियान्वयन में हुई विसंगतियों के कारण अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं, जिसके समाधान के लिए प्रशासन को त्वरित हस्तक्षेप करना चाहिए। बैठक में किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के अध्यक्ष आत्मा साहू, जयप्रकाश विश्वकर्मा, सरपंच प्रतिनिधि मोतीराम वर्मा, तेजराम चंदेल, किसान सुभाष साहू, हेमराज साहू, राकेश साहू, भानु साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

प्रमुख मांगें
कर्ज माफी से वंचित किसानों की सूची की पुनः समीक्षा।
पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ प्रदान किया जाए।
ऋण वसूली और जमीन नीलामी की कार्रवाई पर तत्काल रोक।
बैंक और प्रशासन द्वारा किसानों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण।