दुर्ग। ग्राम अंजोरा (ढाबा) में चल रहे पेयजल योजना के पाइपलाइन विस्तार कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर दुर्ग को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन विस्तार कार्य में गुणवत्ता और मापदंडों की अनदेखी कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, पेयजल सुविधा हेतु लगभग 31.73 लाख रुपये की लागत से पाइपलाइन विस्तार कार्य स्वीकृत किया गया था, जिसमें मुख्य पाइपलाइन कार्य की राशि करीब 30.27 लाख रुपये बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वास्तविक रूप से पाइपलाइन की लंबाई काफी कम बिछाई गई है, जबकि भुगतान पूरी लंबाई का किया गया।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि माप पुस्तिका (Measurement Book) में दर्ज माप वास्तविक कार्य से मेल नहीं खाते। वहीं 10 प्रतिशत डिवीजन सहित अन्य मदों के नाम पर भी अनियमित भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में सरपंच, ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों की मिलीभगत होने की आशंका जताई है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की तत्काल स्थलीय जांच कराई जाए तथा थर्ड पार्टी से पाइपलाइन की वास्तविक लंबाई और गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित सरपंच, ठेकेदार एवं इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई करने और अनुचित भुगतान की राशि की वसूली करने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो शासन की योजनाओं में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा।