दुर्ग। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी के विरोध में आज दुर्ग जिले की सभी मेडिकल दुकानों ने एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखा। यह निर्णय दुर्ग डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा लिया गया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से केंद्र सरकार एवं संबंधित विभागों को ऑनलाइन माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इसी के विरोध में जिले के केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने सामूहिक रूप से आंदोलन किया।


एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बिना वैध ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री, अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा की जा रही प्रिडेटरी प्राइसिंग से छोटे केमिस्टों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही यह जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवा वितरण पर सख्त कार्रवाई हो तथा GSR 817(E) एवं GSR 220(E) जैसे प्रावधानों को वापस लिया जाए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष वकार हसन कामदार और सचिव दीपक बंसल ने कहा कि कोविड महामारी जैसे कठिन समय में भी दवा व्यापारियों ने लगातार सेवा दी थी। अब सरकार को छोटे व्यापारियों और आम जनता के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।