दुर्ग। नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, दुर्ग के आंतरिक गुणवता आश्वासन प्रकोष्ठ कर अंतर्गत लोक संगीत विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं आहार्य (वेशभूषा) विषय पर दो दिवसीय कौशल उन्नयन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति पारंपरिक नृत्य शैलियों, वेशभूषा, आभूषण एवं लोक वाद्य यंत्रों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। कार्यशाला के लिए मुख्य विशेषज्ञ के रूप में सुप्रसिद्ध लोक कलाकार सुश्री रोशनी वर्मा उपस्थित थी जिन्होंने अनेक मंचीय प्रस्तुति और फिल्म के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कि लोक कलाएं अत्यधिक समृद्ध हैं।
प्राचार्य डॉ ऋचा ठाकुर ने कहा इस कार्यशाला के माध्यम से कौशल विकास होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ये अहम हिस्सा है। लोक नृत्य कि प्राध्यापिका भारती साहू ने कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं को बताया ।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में विद्यार्थियों को सुआ नृत्य एवं राउत नाचा के विषय में विस्तारपूर्वक बताया गया, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही नृत्य में उपयोग होने वाले पारंपरिक वाद्य यंत्रों की जानकारी भी प्रदान की गई। द्वितीय सत्र में कार्यशाला और भी रोचक एवं उत्साहपूर्ण बन गई।

इस सत्र में विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्यों-सैला नृत्य, परब नृत्य एवं रेला नृत्य के बारे में विस्तार से बताया गया। सैला नृत्य में लकड़ी की डंडियों के साथ तालबद्ध समूह प्रस्तुति की विशेषता को समझाया गया। परब नृत्य के माध्यम से त्योहारों एवं सामूहिक उल्लास की झलक प्रस्तुत की गई, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषणों का विशेष महत्व बताया गया। रेला नृत्य में लय, गति और भाव-भंगिमाओं के समन्वय से इसकी सुंदरता को समझाया गया। साथ ही इन नृत्यों में उपयोग होने वाले आभूषणों, वेशभूषा एवं छत्तीसगढ़ी लोक वाद्य यंत्रों-जैसे मृदंग, ढोलक, नगाड़ा आदि के बारे में भी रोचक जानकारी दी गई।

कार्यशाला को और अधिक आनंददायक बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्वेश्चन आंसर) का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बहुत ही उत्साहपूर्वक भाग लिया और सीखने के साथ-साथ भरपूर आनंद भी लिया। इस माध्यम से विद्यार्थियों को नई-नई जानकारियां प्राप्त हुई, जिससे उनका ज्ञानवर्धन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन IQAC संयोजक डॉ. निधि वर्मा दद्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। इस अवसर पर समस्त अध्यापकगण, कार्यालय प्रमुख श्री यशवंत कुमार साहू सरला साहू वत्सल तिवारी राजेन्द्र कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यशाला के समापन अवसर पर स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर विशेषज्ञ रोशनी वर्मा को सम्मानित किया गया।