छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। दुर्ग में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ को स्पोट्र्स हब बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
समारोह में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राचीन दंडकारण्य की भूमि है, जहां भगवान श्रीराम की धनुर्विद्या की गूंज आज भी सुनाई देती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शब्दभेदी धनुर्धर स्वर्गीय कोदू राम वर्मा को याद करते हुए कहा कि तीरंदाजी हमारी जनजातीय संस्कृति और पहचान का हिस्सा है।

ये बड़ी घोषणाएं कीं मुख्यमंत्री ने
0 नेशनल आर्चरी एकेडमी – नवा रायपुर में 14 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी बनाई जाएगी।
0 जशपुर में एकेडमी – जशपुर जिले के पंडरापाट में 20 करोड़ रुपए की लागत से बहुउद्देश्यीय परिसर और आर्चरी एकेडमी की स्थापना होगी।
0 स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स – नवा रायपुर में 85 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
0 मिशन खेल उत्कर्ष – सरकार ने बजट में खेल उत्कर्ष मिशन को शामिल किया है, ताकि पारंपरिक और आधुनिक खेलों को बढ़ावा मिल सके।
मेडल जीतने पर बरसेगा इनाम
0 ओलंपिक स्वर्ण पदक – 3 करोड़ रुपए।
0 ओलंपिक रजत पदक – 2 करोड़ रुपए।
0 ओलंपिक कांस्य पदक – 1 करोड़ रुपए।
0 ओलंपिक प्रतिभागी – 21 लाख रुपए।
विजेता टीमों का सम्मान
पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता में देशभर के पुलिस बलों और राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री ने सीआईएसएफ, राजस्थान, सीआरपीएफ, उत्तर प्रदेश, बीएसएफ व आईटीबीपी की टीमों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह के अंत में परंपरा के अनुसार प्रतियोगिता ध्वज आगामी आयोजन के लिए ऑल इंडिया पुलिस कंट्रोल बोर्ड की प्रतिनिधि सोनम अग्निहोत्री को सौंपा गया।