दुर्ग जिले में ग्राम नगपुरा मे संचालित शगुन फार्महाउस एंड रिसॉर्ट के खिलाफ जिला दंडाधिकारी से शिकायत की गई है। जहां दिन-रात पार्टी, गाना-बजाना और “गोवा वाइब” चल रहा है, वहीं ग्रामीणों का कहना है – ये सब पूरी तरह अवैध है!
एक गंभीर शिकायत जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जिसमें युवा कांग्रेस के विधानसभा उपाध्यक्ष और युवा कांग्रेस आहिवारा के कमल नारायण देशमुख ने लिखा है कि खसरा नंबर 793/1 और 793/2 पर दर्ज कृषि भूमि (पिता राजकुमार के नाम से) अब फार्महाउस बन चुकी है। मालिक रोजाना 5,000 से 25,000 रुपये वसूल रहे हैं।

शाम ढलते ही शुरू हो जाता है तेज आवाज में गाना-बजाना, रातभर शोर शराबा , डीजे का शोर, और वो भी बस्ती से सिर्फ कुछ दूर पर! किसानों का आने-जाने का रास्ता भी यही है, लेकिन रात में कोई भी अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो फार्महाउस मालिक जिम्मेदार होगा।
गांव वालों का आरोप –
शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने बताया कि यहां कई सारे अवैध कार्य भी हो रहे हैं। ग्राम पंचायत नगपुरा ने भी इसके विरुद्ध प्रस्ताव पास कर दिया है कि इस फार्महाउस के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। शिकायत में मांग की गई है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमों के अनुसार जांच हो, और फार्म हाउस को तुरंत बंद करवाया जाए, और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर जुर्माना लगाया जाये.
अब देखना ये है कि जिला प्रशासन कब एक्शन लेता है? क्या शगुन फार्महाउस का “लक्जरी वाइब” अब “लीगल वाइब” में बदल जाएगा, या फिर ग्रामीणों की नींद वापस आएगी?
शगुन फार्महाउस इंस्टाग्राम पर खूब प्रमोशन कर रहा है – स्विमिंग पूल, बड़ा लॉन, गेमिंग, फैमिली पार्टीज… लेकिन ग्राउंड जीरो पर कहानी कुछ और ही है। क्या ये “नेचर मीट्स लक्जरी” है, या “कृषि भूमि मीट्स अवैध धंधा”?
युवा कांग्रेस नेताओ ने अभी लिखित शिकायत की है और आगे कार्यवाही नहीं होने से बड़े आंदोलन व घेराव की चेतावनी दी है ।