Durg Breaking: Farmer attempted suicide in Collectorate, poured petrol on himself, know the whole matter
दुर्ग। 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से प्रभावित किसानों का आज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन था। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलने गुहार लगाया लेकिन पुलिस प्रशासन और अधिकारियों के मना करने के बाद किसान आक्रोशित हो गए और वहीं बैठकर नाराबाजी करने लगे। जिसके बाद अधिकारियों ने अपना ज्ञापन सौंप कर किसानों को जाने के लिए कहा जिससे आक्रोशित किसान ढालेश साहू ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया इसके बाद वहां अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल उनको पकड़ा और उनके ऊपर पानी डाला। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों को कलेक्टर से मिलने की अनुमति दिया।

आखिर क्या है पूरा मामला
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 19 ग्रामों के लगभग 1650 किसान 400 के.वी. ट्रांसमिशन टावर लाइन परियोजना के तहत मिलने वाले मुआवजा वितरण में जिला प्रशासन द्वारा की जा रही अनियमितता, मनमानी और पारदर्शिता का अभाव है। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने मुआवजा वितरण अधिनियम 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है तथा शासनादेश मार्च 2025 टावर बेस के 200 प्रतिशत और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के 30 प्रतिशत मुआवजा राशि में मनमाने ढंग से कटौती की गई है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि क्षेत्रीय तहसील कार्यालयों द्वारा बिना अधिसूचना जारी किए, बिना ग्रामसभा की सहमति और बिना सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराए किसानों से जबरन हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं, जो पूर्णतः नियम विरुद्ध है और किसानों के अधिकारों का हनन करता है। किसानों की मांग है कि जिला प्रशासन अधिनियम 2013 के अनुसार मुआवजा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और पुनः सर्वे कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करे।

उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों ने कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा, परंतु अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मनमानी और पारदर्शिता की कमी से किसानों में गहरा आक्रोश है। मुआवजा प्रक्रिया में भारी अनियमितता और किसानों पर जबरन हस्ताक्षर करवाना न केवल अधिनियम का उल्लंघन है बल्कि यह उनके संवैधानिक अधिकारों का भी हनन है। यदि प्रशासन ने मनमानी बंद नहीं की, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
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