Farmers raised the demand for early elections in the Service Cooperative Society Risama
सेवा सहकारी समिति मर्यादित रिसामा (पंजीकरण क्रमांक 23) की वार्षिक आमसभा ग्राम रिसामा में संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने सर्वसम्मति से समिति में अध्यक्ष सहित सभी पदों के शीघ्र निर्वाचन की मांग उठाई।
किसानों ने कहा कि समिति की वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, फिर भी नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। यह स्थिति छत्तीसगढ़ सहकारी संस्थाएँ अधिनियम, 1960 की धारा 49 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
किसानों ने इस संबंध में पंजीयक, सहायक सहकारी संस्थाएँ, दुर्ग के नाम ज्ञापन सौंपा। चूंकि विभागीय अधिकारी आमसभा में अनुपस्थित रहे, इसलिए उपस्थित किसानों ने यह ज्ञापन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित उपशाखा अण्डा के मुख्य प्रबंधक मनोज सेन को सौंपा। इस अवसर पर ग्राम रिसामा, चिरपोटी और मतवारी के किसान गितेश्वर साहू, कमल साहू, जगदीश, लोकनाथ, देवप्रसाद, चुम्मन साहू एवं टिकेंद्र साहू सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। सभी ने कहा कि समिति के सुचारू संचालन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए चुनाव आवश्यक है।
जनपद सदस्य एवं किसान नेता ढालेश साहू ने कहा कि सेवा सहकारी समिति में अध्यक्ष सहित सभी पदों पर प्रतिनिधि चुनना प्रत्येक पंजीकृत किसान का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार का हनन लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। साथ ही आमसभा की सूचना केवल कोतवाल द्वारा ‘हाका पार’ कर दी जाती है, जो विधिसम्मत प्रक्रिया नहीं है। प्रत्येक सदस्य किसान को लिखित सूचना प्रदान की जानी चाहिए ताकि वास्तविक लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।