A young man died after being injected in the district hospital. The family alleged that the marriage had taken place three days ago.
दुर्ग
दुर्ग जिला अस्पताल में सिद्धार्थ नगर निवासी 22 वर्षीय युवक प्रभात सूर्या की आज इलाज के दौरान मौत हुई। मौत की सूचना के बाद भारी संख्या में जिला अस्पताल में लोग जमा हो गए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बिगड़ती स्थिति को देखकर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। आला अधिकारी लगातार परिजनों को समझाइए देते नजर आए। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
मृतक के बड़े भाई जय सूर्य ने बताया कि रात करीब दो ढाई बजे किसी बात को लेकर भाई ने जहर सेवन कर लिया इसके बाद उनको जिला अस्पताल लाया गया और उनका इलाज तत्काल शुरू भी हो गया सुबह तक वह बिल्कुल ठीक था और मम्मी से बात भी किया और उनको बताया कि डॉक्टर बोले हैं 11:12 बजे तक छुट्टी हो जाएगा और उसके कुछ ही देर बाद एक नर्स आई और भाई को इंजेक्शन लगाया जिसके बाद उसकी तबीयत फिर से बिगड़ने लगी उसका नस खिंच खिंच लगने लगा उल्टी आने लगा नाक मुंह से खून आने लगा और फिर भाई अचानक गिर गया फिर भी डॉक्टरों ने हमें कुछ नहीं बताया और इलाज करने का नाटक करने लगा आधा 1 घंटे बाद हमको बताया गया कि उनकी मौत हो गई है भाई की अभी 3 दिन पहले ही कोर्ट मैरिज हुआ था।
नर्स के साथ मारपीट की बात को गलत ठहराया और बताया कि गलती डॉक्टर से हुआ है और वीडियो हमारा बना रहे थे जिसे देखकर उनका मोबाइल छीना गया और वीडियो को डिलीट किया गया है बस।

नर्सिंग प्रकोष्ठ अध्यक्ष मंजू राय ने बताया कि कोई पॉइजनिंग केस आया हुआ था। जिनका सुबह मौत हो गया जिसके बाद परिजनों के साथ काफी संख्या में भीड़ आ गया था, और गंदा गंदा गाली गलौज करने लगे। वे सारे लोग झुंड बनाकर आ रहे थे अगर गेट बंद नहीं करते तो सबको मारपीट कर चले जाते सारे नर्स वर्दी में रहते हैं सब सेवा देने आते हैं सब जानते हैं यह नर्स है। वहीं अगर हमें कोई मार कर चला जाए तो उसकी जवाबदारी किसकी। पेशेंट की कंडीशन ऐसा रहा होगा कि उसकी मौत हो गई इस पर आरोप लगाना गलत है. कोई भी डॉक्टर नर्स नहीं चाहता कि उसके मरीज की मौत हो जाए। फिर भी परिजन इस तरह का आरोप लगा रहे हैं जो गलत है सारे स्टाफ हड़ताल में है फिर भी अस्पताल चल रहा है और वहां पर काम का दबाव भी काफी ज्यादा है उसके बाद भी सारे नर्स काम कर रहे हैं हमें भी हमारी सुरक्षा की व्यवस्था चाहिए जिला अस्पताल में चौकी ही नहीं है कैजुअल्टी में आने वाले मरीजों के साथ सिर्फ दो लोग ही रहने चाहिए झुंड उसके साथ नहीं आना चाहिए ताकि डॉक्टर नर्स अपना काम कर सके। पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी है.