Residents of Titurdih Mohalla protested against the notice of the Railway Administration and submitted a memorandum to the Collector, know the full story
दुर्ग
तितुरडीह मोहल्ला को तोड़े जाने व सालों से निवासरत लोगों को पट्टा देने की मांग पर गांधी चौक, दुर्ग में प्रदर्शन कर रैली करते हुए दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।
तितुरडीह मोहल्ला बचाओ संघर्ष समिति के पूजा सागर ने बताया कि तितुरडीह मोहल्ला निवासी पिछले 60 – 70 साल से भी अधिक समय से तितुरडीह में निवास कर रहे हैं। जीविकोपार्जन के लिए महिलाएं घरों में जाकर सालों से खाना बनाने व साफ-सफाई का काम करती हैं। इसी पर निर्भर होकर जीवन चलता है। हम मोहल्ला वासी यहां पर अपने पिताजी व दादाजी के जमाने से निवास कर रहे हैं।

हाल ही में 16 अगस्त को रेलवे प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है कि झुग्गी झोपड़ियों को 15 दिन के अंदर हटा लिया जाए। इतने लंबे समय से निवासरत मोहल्ला वासियों को इस तरह अचानक नोटिस दिया जाना अनुचित व अन्यायपूर्ण है। हमारे पास राशन कार्ड, आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड है। लगातार चुनाव में हम वोट देते हैं सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि मोहल्ला वासियों को उचित निवास एवं रोजगार की व्यवस्था करें। लेकिन सरकार के द्वारा मोहल्ले वासियों की स्थिति के सुधार को लेकर कोई कदम नहीं उठाई जा रहे हैं।
ऐसी स्थिति में निवास स्थान से बेदखल करने पर जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा अतः तितुरडीह मोहल्ला संघर्ष समिति द्वारा मांग किया गया कि बेदखल किये जा रहे परिवारों को तितुरडीह मोहल्ले से 1 किलोमीटर के दायरे में (किसी भी प्रकार का शुल्क लिए बिना) घर बना कर दिया जाए। और यदि घर की व्यवस्था नही की जाती है तो जिन्हें जमीन से बेदखल किया जा रहा है उन सभी को घर की व्यवस्था करने के लिए 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये। जिन मोहल्ला वासियों को पट्टा उपलब्ध नही करवाया गया है। उन्हें जल्द से जल्द पट्टा उपलब्ध करवाया जाए।इस दौरान मोहल्ले के 70 से 80 महिलाएं और पुरुष शामिल थे।