दुर्ग नगर निगम में जनसुविधाओं को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के पार्षदों के बीच घमासान खत्म नहीं हो रहा है। सप्ताहभर पहले बिजली, पानी की सुविधा और लावारिस मवेशियों की धरपकड़ को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा की नीति पर सवाल खड़ा करते हुए कांग्रेस पार्षदों ने जमकर घेराबंदी की थी। इधर सोमवार को बंद स्ट्रीट लाइट को बदलने में लेटलतीफी को लेकर मोर्चा खोल लिया। कांग्रेस पार्षदों ने मामले में जानबूझकर देरी का आरोप लगाते हुए सोमवार को नगर निगम के बिजली दफ्तर में ताला लगा दिया।
नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले की अगुवाई में बिजली दफ्तर में ताला लगाने के बाद गेट पर कांग्रेस के पार्षद धरने पर बैठ गए। बताया जा रहा है कि बंद स्ट्रीट लाइट को चालू करने नगर निगम को करीब 450 लाइट उपलब्ध कराई गई है। करीब सप्ताहभर से लाइट खरीदी के बाद भी निगम के बिजली विभाग द्वारा इन्हें खंभों में लगाने का काम शुरू नहीं किया जा सका था। कांग्रेस पार्षद इससे नाराज थे। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद से एक भी बार लाइटें नहीं लगाई गई है। इससे शहर के अधिकतर बिजली के खंभों की लाइट बंद हो चुकी है। बाद में ईई दिनेश नेताम के जल्द लाइट लगाने के आश्वासन पर पार्षद हटे। इस दौरान उप नेता प्रतिपक्ष विजयंत पटेल, पार्षद दीपक साहू, भास्कर कुंडले, ललित निषाद, मनीष बघेल, ज्ञानदास बंजारे शामिल थे।
लाइट लगाने में देरी संदेहास्पद – नेता प्रतिपक्ष
मामले में नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले का कहना है कि लंबे समय से शहर के अधिकतर खंभों की लाइटें बंद है। वहीं निगम में लाइटें खरीदकर 7 दिन से ज्यादा हो गई है। इसके बाद भी लाइटें नहीं लगाई जा रही थी। लाइटें नहीं लगाने से पार्षदों को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। लाइटों को वार्डों को बांटकर तत्काल लगाने की कार्रवाई किया जाना चाहिए।
जरूरत के हिसाब से लगेंगी लाइटें – प्रभारी
बिजली विभाग के प्रभारी ज्ञानेश्वर ताम्रकार ने बताया कि 482 लाइटें खरीदी गई है। अवकाश के कारण इन्हें लाइटें खंभों में लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। लाइटें लगाने के लिए ही मंगाई गई है, बेवजह माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से सभी वार्डों में लाइटें लगाई जाएगी। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।