छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ बोले— छात्र आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई, गिरफ्तार छात्रों को किया जाए रिहा
दुर्ग। प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा एवं मजदूर कार्यकर्ता समिति ने छात्र आंदोलन के समर्थन में एसीसी गेट पर सभा आयोजित कर बिहार और पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन करना सभी जनसंगठनों की जिम्मेदारी है।


संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि देशभर के छात्रों ने नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलन किया, जिसे मजदूर, किसान और महिला संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। वक्ताओं ने कहा कि संयुक्त संघर्ष के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, जिसे उन्होंने जनआंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

मजदूरों ने एसीसी कंपनी में कार्य समाप्ति के बाद शाम 5:30 बजे एसीसी गेट पर सभा आयोजित की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के साथ हुए समझौते में छात्रों के खिलाफ एफआईआर या गिरफ्तारी नहीं करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों की गिरफ्तारी की गई और कार्रवाई जारी है। उन्होंने इसे समझौते का उल्लंघन बताते हुए सभी गिरफ्तार छात्रों को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की मांग की।
सभा में भुवन साहू, संतोष यादव, सनत जंघेल, बड़कू, सिरपत तथा कलादास डेहरिया सहित बड़ी संख्या में मजदूर साथी उपस्थित रहे।
