दुर्ग में पुस्तक वितरण व्यवस्था शुरू होने से निजी स्कूल संचालकों में खुशी, स्थायी पुस्तक डिपो की मांग दोहराई
दुर्ग। निजी विद्यालय संचालक संघ, जिला दुर्ग की नए शिक्षण सत्र की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर संघ की ओर से सभी पदाधिकारियों एवं सदस्य विद्यालय संचालकों का डायरी एवं पेन भेंट कर सम्मान एवं स्वागत किया गया। बैठक में शिक्षा, विद्यालय संचालन तथा संगठन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित सभी विद्यालय संचालकों ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ द्वारा दुर्ग जिले में ही निजी विद्यालयों के लिए पुस्तक डिपो स्थापित कर पुस्तक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। शिक्षा मंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग जिले में ही पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए, जिसके फलस्वरूप सभी निजी विद्यालयों को टैगोर हॉल, दुर्ग से समय पर पुस्तकें प्राप्त हो गईं। इससे विद्यालयों और विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिली है।


संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से दुर्ग जिले में स्थायी पुस्तक डिपो स्थापित किया जाए, ताकि प्रत्येक वर्ष विद्यालयों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध हो सकें और विद्यार्थियों को स्कूल प्रारंभ होने से पहले ही पाठ्यपुस्तकें मिल जाएं।

बैठक में संघ के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे तथा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के प्रति पुनः धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर संघ के संरक्षक अनिल दत्त तिवारी, सत्यपाल गुप्ता, अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता, उपाध्यक्ष अंबिका द्विवेदी, सचिव अमित श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष क्षत्रपाल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य अशोक मुरकुटे, श्रीमती राधा चतुर्वेदी, गोविंद वर्मा, रामनारायण पांडेय, अविनाश शर्मा, भास्कर राव, श्रीमती सविता सिंह, विवेक यादव, प्रदीप द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संघ की ओर से सभी सदस्यों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।
