दुर्ग। किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के बैनर तले क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से कृषि ऋण वसूली एवं भूमि नीलामी की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। किसानों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपते हुए ऋण माफी योजना से वंचित किसानों के मामलों की निष्पक्ष जांच और राहत देने की मांग की।

ज्ञापन में किसानों ने बताया कि ग्राम खेरसिटी, परसकोड़ा, कुटेला और पेंड्री क्षेत्र के कई किसानों ने कृषि कार्य के लिए बैंक से ऋण लिया था। राज्य शासन की ऋणमाफी योजना लागू होने के दौरान कई किसानों को लाभ मिला, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से वे योजना से वंचित रह गए। किसानों का आरोप है कि उन्हें समय पर वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई, जिसके कारण अब उन पर ऋण वसूली और भूमि नीलामी जैसी कार्रवाई की जा रही है।

किसानों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में 10 जून 2026 को भी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमधा को शिकायत प्रस्तुत की गई थी, लेकिन अब तक राहत नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में किसान आर्थिक संकट, फसल संबंधी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।


ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रमुख रूप से ऋण वसूली और भूमि नीलामी प्रक्रिया पर रोक, ऋणमाफी से वंचित किसानों की जांच, संबंधित बैंक की कार्यप्रणाली की समीक्षा तथा किसानों को ब्याज और दंडात्मक शुल्क में विशेष राहत देने की मांग की है।
किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

