शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का अलग ही अंदाज देखने को मिला। मंच तक सीमित रहने के बजाय वे सीधे कक्षा में पहुंचे, बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की और खुद शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें पहाड़ा पढ़ाया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ पहाड़े सुनाए, जिस पर मंत्री ने उनकी हौसला अफजाई करते हुए पढ़ाई को आसान और रुचिकर बनाने के टिप्स दिए।

मंगलवार को शिक्षा मंत्री दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया तथा नए शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए। शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है। उन्होंने पालकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई, शत-प्रतिशत उपस्थिति और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता का सहयोग ही बच्चों को आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।

तकनीक आधारित शिक्षा पर जोर
विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करेगी।
बच्चों के सपनों को जाना, मेहनत का दिया मंत्र
कक्षा में बच्चों के साथ समय बिताते हुए शिक्षा मंत्री ने उनसे उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं और लक्ष्य के बारे में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित अध्ययन और निरंतर मेहनत का संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मन लगाकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ही जीवन में आगे बढ़ते हैं।

कहा, आत्मविश्वास के साथ करें पढ़ाई
मंत्री यादव ने छात्राओं और शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि छात्राएं पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करें तथा अपने परिवार, समाज और प्रदेश का नाम रोशन करें। विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है।