दुर्ग। दुर्ग जिले में वाहन फिटनेस परीक्षण केंद्र बंद होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े बस, मिनी बस और ट्रक संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। फिटनेस व एआईटीपी बसों के नियम उल्लंघन के मुद्दे को लेकर दुर्ग जिला बस एवं मिनी बस मालिक संघ के पदाधिकारियों ने आर टी ओ अधिकारी को अवगत कराया।

संघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा ने बताया कि फिटनेस सेंटर बंद होने से वाहन मालिकों को रायपुर व अन्य जिलों में जाना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। एक वाहन की फिटनेस में डीजल, चालक खर्च व संचालन नुकसान मिलाकर करीब 5 हजार रुपये अतिरिक्त लग रहे हैं। पहले दुर्ग में सुविधा थी, अब पूरा दिन खराब हो जाता है। कई बार दोबारा भी वाहन ले जाना पड़ता है।

कोषाध्यक्ष लोकेश्वर सिंह ठाकुर ने कहा कि डीजल महंगा और उपलब्धता कम है, ऊपर से फिटनेस के लिए भटकना पड़ रहा है। फिटनेस प्रक्रिया में देरी के कारण वाहनों पर ई-चालान कट रहे हैं। संघ ने मांग की कि स्थानीय व्यवस्था बहाल न होने तक राहत दी जाए। साथ ही किराया बढ़ाने की भी आवाज उठाई।

संचालकों ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बसों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि 150-160 टूरिस्ट परमिट वाहन रोज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 70-80 दुर्ग बस स्टैंड से गुजरते हैं। ये मुंगेली, कवर्धा, बेमेतरा, धमधा आदि से यात्री बैठाकर स्टेज कैरिज की तरह चल रहे हैं, जिससे नियमित बसों को नुकसान हो रहा है। संघ ने सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इनके दुर्ग बस स्टैंड प्रवेश पर रोक व बायपास से संचालन की मांग की।

आर टी ओ मृत्युंजय प्रसाद पटेल ने कहा कि एनोसी व तकनीकी स्वीकृति अभाव में सेंटर बंद है। फिलहाल अधिकृत केंद्रों में परीक्षण कराना होगा। मांग शासन तक पहुंचाई जाएगी। संचालकों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान न हुआ तो आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनूप यादव, सुमित ताम्रकार, उमाशंकर साहू प्रभात ताम्रकार परमजीत सिंह सिंकदर सिंह महेश नारायण भुवालअमरजीत सिंह रमन बिहारी जावेद खान सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
