नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक मंच की पहल, खेल-कूद व सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों को मिला प्रोत्साहन
चरमुड़िया। ग्राम चरमुड़िया में नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय समर कैंप-2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 7 जून को आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 बच्चों ने भाग लेकर विभिन्न खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

समर कैंप में प्रतिभागियों ने खो-खो, कबड्डी, 100 मीटर दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, रस्साकशी, चित्रकला, चम्मच-बाटी दौड़, कुर्सी दौड़ सहित 21 प्रकार की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीतू तोड़ेकर (सरपंच, ग्राम पंचायत चरमुड़िया) थीं। विशिष्ट अतिथियों में नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक मंच जिला धमतरी के अध्यक्ष महेंद्र साहू, जिला सचिव भावेश चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण ध्रुव, जिला उपाध्यक्ष डारेंद्र कुमार साहू, लेखराम साहू तथा काव्यांश एक साहित्यिक पहल की राज्य संयोजक गीता सारथी शामिल रहीं।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महेंद्र साहू ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत और नशे की प्रवृत्ति बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने बच्चों को उच्च नैतिक मूल्यों, आदर्शों एवं भारतीय संस्कृति को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि मंच द्वारा जिले के लगभग 21 गांवों में बच्चों को सकारात्मक दिशा देने के लिए विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए चरमुड़िया इकाई के प्रभारी तेजपाल तोड़ेकर ने बताया कि समिति गांव में सामाजिक जागरूकता के लिए महापुरुषों की जयंती, शहादत दिवस तथा अन्य प्रेरणादायक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करती है। बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए साप्ताहिक खेलकूद गतिविधियां तथा निःशुल्क ट्यूशन कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं।

समर कैंप के सफल आयोजन में चंदन अंसारी, गुंजीत भारती, हीरालाल, राहुल टंडन, रामकिशोर भारती, अनिशा भारती, सीमा, जाह्नवी, तुलसी, राजीव, अनीस, प्रशांत, चंचल, जिया, यामिनी, मंजू, समीर, संतु, मुनेश, निहाल, तृषा सहित समिति के अनेक सदस्यों एवं ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
