दुर्ग। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) द्वारा वियतनाम में आयोजित अंडर-17 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम की कोच के रूप में नियुक्त दुर्ग की संतोषी चंद्राकर ने भारतीय टीम को ओवरऑल चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।

‘एम.जी. रेसलिंग क्लब’ से जुड़ी संतोषी चंद्राकर ने एनएस-एनआईएस पटियाला से कुश्ती में डिप्लोमा तथा कोचिंग में लेवल-1 कोर्स पूर्ण किया है। वे छत्तीसगढ़ की पहली महिला अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती कोच हैं, जिन्होंने भारतीय महिला टीम को एशियाई स्तर पर चैंपियन बनाने का गौरव हासिल किया है।

संतोषी चंद्राकर के मार्गदर्शन में भारतीय महिला टीम ने वियतनाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। उनकी सफलता को प्रदेश के खेल इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अवसर पर दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, जिला खेल अधिकारी ए. एक्का सहित छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मण लाल साहू, भगवान पहलवान, भूपेंद्र यादव, गामा यादव तथा महासचिव प्रशांत राय ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

दुर्ग जिला कुश्ती संघ, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी आनंद चंदनिया पहलवान, कुश्ती प्रशिक्षक श्रवण कुमार, एनआईएस कोच मनोज साहू, सर्टिफाइड रेसलिंग कोच विकास सिंह ठाकुर, विहिप के प्रांत सुरक्षा प्रमुख सौरभ देवांगन, आरती शुक्ला तथा एम.जी. रेसलिंग क्लब दुर्ग के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और सदस्यों ने भी संतोषी चंद्राकर को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ परिवार ने कहा कि “संतोषी चंद्राकर की यह सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने वियतनाम में तिरंगे का मान बढ़ाया है।”
संतोषी चंद्राकर की उपलब्धि ने न केवल दुर्ग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है और खेल जगत में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का नया अध्याय लिखा है।
