सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट के वीडियो ने आखिरकार आरोपियों को सलाखों तक पहुंचा दिया। नेहरू नगर स्थित कैफे के बाहर युवक और उसके भाई के साथ हुई मारपीट के मामले में सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी और पांच अपचारी बालकों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पहचान कर आरोपियों को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार पूरा विवाद एक युवती से पुराने परिचय को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित युवक ने शिकायत में बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसकी एक युवती से दोस्ती थी, लेकिन बाद में बातचीत बंद हो गई थी। इसी बीच उसे एक युवक का फोन आया, जिसने खुद को युवती का बॉयफ्रेंड बताते हुए मिलने के लिए कहा। शिकायतकर्ता के मना करने के बावजूद लगातार फोन कर उसे मिलने के लिए दबाव बनाया गया। आखिरकार 6 जून की रात युवक अपने चचेरे भाई के साथ नेहरू नगर स्थित अमनिक कैफे पहुंचा, जहां पहले से मौजूद युवकों ने उसे घेर लिया।

गाली-गलौज के बाद पाइप से हमला
पुलिस के मुताबिक बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने युवक व उसके भाई के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद हाथ-मुक्कों और प्लास्टिक पाइप से हमला कर दोनों को घायल कर दिया। मारपीट के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया और सुपेला थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
वायरल वीडियो बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस ने वायरल वीडियो, तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर आरोपियों की पहचान की। कार्रवाई के दौरान पंकज विश्वकर्मा (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथ शामिल पांच अपचारी बालकों को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त प्लास्टिक पाइप भी जब्त किया है।

ऑपरेशन विश्वास के तहत कार्रवाई
दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी, मारपीट और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हिंसक घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।