अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा और नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सोमवार को थाना उतई परिसर में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। थाना क्षेत्र की महिला कमांडो के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें हाईटेक सुरक्षा व नियमों से लैस करने के लिए एक दिवसीय भव्य ‘महिला कमांडो सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता व पद्मश्री विजेता शमशाद बेगम, विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष उतई सरस्वती साहू, जिला सेनानी नगर सेना (आपदा मोचन बल) नागेंद्र सिंह, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) पाटन अनूप लकड़ा और एसडीओपी धमधा डॉक्टर चित्रा वर्मा सहित अंचल के कई गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पद्मश्री शमशाद बेगम ने दिलाई कर्तव्यों की याद
मुख्य अतिथि पद्मश्री शमशाद बेगम ने अपने उद्बोधन में समाज सुधार की दिशा में महिला कमांडो की गौरवशाली भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को उनके कर्तव्यों और सामाजिक दायित्वों से अवगत कराते हुए कहा कि वे कानून व्यवस्था और सुशासन को मजबूत करने के लिए हर कदम पर स्थानीय पुलिस प्रशासन का कंधा से कंधा मिलाकर साथ दें। उनकी इस प्रेरणादायक बात से परिसर में उपस्थित महिला कमांडो में खासा उत्साह और जुझारूपन देखने को मिला।
सिलेंडर की आग और डूबते की जान बचाना सीखा
इस सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण नगर सेना के आपदा मोचन बल द्वारा दिया गया जीवन रक्षा प्रशिक्षण रहा। जिला सेनानी नागेंद्र सिंह की देखरेख में विशेषज्ञों ने महिलाओं को विषम परिस्थितियों से निपटने के जीवंत उपाय सिखाए। इसमें नदी-तालाब में डूबते हुए व्यक्ति की जान बचाने की वैज्ञानिक तकनीक, रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर पर आग लग जाने पर की जाने वाली सूझबूझ भरी कार्रवाई और सामान्य परिस्थितियों में सूखे या ज्वलनशील पदार्थों में लगने वाली आग को फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) से बुझाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
हेलमेट लगाएं, शराब पीकर वाहन न चलाएं
यातायात पुलिस दुर्ग की ओर से आए निरीक्षक युवराज साहू ने महिला कमांडो को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कमांडो से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों और घरों में लोगों को हेलमेट लगाकर वाहन चलाने, शराब का सेवन कर गाड़ी न चलाने और ट्रैफिक सिग्नल्स को जंप न करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज में बदलाव की सबसे बड़ी वाहक हैं, इसलिए वे यातायात व्यवस्था को सुधारने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
अपराध मुक्त समाज बनाने महिलाओं ने लिया संकल्प
पूरे कार्यक्रम के दौरान थाना उतई परिसर में जबरदस्त ऊर्जा का माहौल रहा। प्रशिक्षण के बाद सभी महिला कमांडो ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम, नशा मुक्त समाज के निर्माण, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में हमेशा पुलिस का साथ देने के लिए तत्पर हैं।