भिलाई। मेहनतकश आवास अधिकार संघ एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति ने हॉस्पिटल सेक्टर में निवासरत करीब 702 परिवारों के आवास अधिकार को लेकर जारी संघर्ष को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। संगठन के कलादास डेहरिया ने बताया कि वर्ष 2014-15 से भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग द्वारा रहवासियों को लगातार बेदखली नोटिस जारी किए जा रहे थे। इसके बाद वर्ष 2016 में बुलडोज़र कार्रवाई करते हुए दो ब्लॉकों को तोड़ दिया गया था।
इस कार्रवाई के विरोध में हॉस्पिटल सेक्टर के रहवासियों ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां से उन्हें स्थगन आदेश प्राप्त हुआ। यह स्टे वर्ष 2024 तक प्रभावी रहा। बाद में वर्ष 2025 में हाई कोर्ट ने मामले को निचली अदालत में सुनवाई के लिए भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद संगठन ने विधिक प्रक्रिया के तहत निचली अदालत में अपना पक्ष रखा।

संगठन के अनुसार, संयंत्र के संपदा न्यायालय में “अवैध कब्जा” के नाम पर नोटिस जारी कर 11 लोगों को तत्काल मकान खाली करने का आदेश दिया गया। इसके खिलाफ दुर्ग जिला न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की गई, जिस पर 14 मई 2026 को न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए 300 दिनों के भीतर मामले का निराकरण करे।
इसी बीच संगठन ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां मामला वर्तमान में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लंबित मामलों के समाधान के लिए चलाए जा रहे मध्यस्थता अभियान के तहत हॉस्पिटल सेक्टर के प्रकरण को भी मध्यस्थता के लिए भेजा गया।

18 मई 2026 को माननीय सुनीता टोपो की अदालत में मध्यस्थता हेतु पेशी निर्धारित थी। इस दौरान लगभग 200 मजदूर अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ भीषण गर्मी में अदालत पहुंचे, लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र, छत्तीसगढ़ सरकार और भिलाई निगम की ओर से कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई 26 मई 2026 तय की है।

संगठन ने कहा कि हॉस्पिटल सेक्टर के मजदूर अपने आवास अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ रहे हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें रोटी, कपड़ा और मकान जैसे मूलभूत संवैधानिक अधिकार मिल पाएंगे या नहीं।
इस अवसर पर नारायण राव, लक्ष्मी यादव, अरुणा, अनुसुइया खरे, सुदरिया, सारदा, बबलू, के. मैरी, इश्रातम्मा, बालम्मा, नीरा डेहरिया, ब्रम्हा, लता, मोहन, चिमन, राही और चमेली सहित बड़ी संख्या में हॉस्पिटल सेक्टर के निवासी उपस्थित थे।