देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए दुर्ग जिला प्रशासन ने सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर लिया है। आगामी 3 मई को होने वाली इस परीक्षा को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने केंद्र अधीक्षकों की आपात बैठक बुलाई। उन्होंने दो टूक कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर सीधे अनफेयर मीन्स (UFM) के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
2 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य, पेन भी मिलेगा केंद्र पर
कलेक्टर ने अभ्यर्थियों को सख्त हिदायत दी है कि वे रिपोर्टिंग समय से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पहुंचें। देरी होने पर किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बार परीक्षार्थियों को अपने साथ पेन लाने की भी जरूरत नहीं है; प्रशासन द्वारा परीक्षा हॉल में ही पारदर्शी पेन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन पर रहेगा पहरा
0 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स :- मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और पेन ड्राइव पर पूर्ण प्रतिबंध।
0 एक्सेसरीज :- बेल्ट, वॉलेट, टोपी, बड़े चश्मे और किसी भी प्रकार के धातु के आभूषण पहनकर आने पर रोक।
0 स्टेशनरी :- ज्योमेट्री बॉक्स, प्लास्टिक पाउच और इरेजर जैसे सामान भी अंदर नहीं ले जा सकेंगे।
केवल पारदर्शी पानी की बोतल ही मान्य
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल पारदर्शी पानी की बोतल ही मान्य होगी, जबकि खाद्य पदार्थ पूरी तरह वर्जित रहेंगे। सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) के बाद ही छात्रों को सीट तक जाने की अनुमति मिलेगी। प्रशासन का यह कड़ा रुख मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा माफियाओं पर लगाम कसने के उद्देश्य से लिया गया है।