दुर्ग। छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ, जिला दुर्ग ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) के निलंबन को अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने जिला कलेक्टर एवं उपसंचालक कृषि को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच कर निलंबन आदेश निरस्त करने की मांग की है।

संघ के जिलाध्यक्ष अमित कुमार वर्मा ने बताया कि किसानों की मांग के अनुरूप ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा फसल परिवर्तन संबंधी कार्य किया गया था। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों को धान के स्थान पर मक्का फसल लगाने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन योजना के क्रियान्वयन में कई तकनीकी और विभागीय कठिनाइयां सामने आईं। किसानों को बीज खरीदकर बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि कई मामलों में विभाग द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग द्वारा मादक फसलों की जानकारी, प्रशिक्षण या हैंडबुक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। प्रदर्शन प्लॉट निजी क्षेत्र में होने और फेंसिंग व सुरक्षा कारणों से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का वहां पहुंच पाना भी संभव नहीं था। इसके अलावा विभागीय दिशा-निर्देशों और तकनीकी जानकारी के अभाव में कार्य करने में कठिनाइयां आईं।
संघ का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का निलंबन अनुचित है और इससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 22 मार्च से 26 मार्च तक निलंबन वापसी के लिए सार्थक कार्रवाई नहीं की जाती है तो कृषि विभाग दुर्ग के मैदानी एवं कार्यशील अधिकारी (RAEO, ADO, SADO) अनिश्चितकालीन ‘कलम बंद’ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों के हित में उचित निर्णय लिया जाए, ताकि कृषि विभाग के कार्य प्रभावित न हों।