दुर्ग. लगातार हार के बाद राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक सुधार में जुटी कांग्रेस ने आखिरकार दुर्ग जिले के तीनों संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। दिल्ली में कई दौर की गहन मंत्रणा के बाद जारी इस सूची में युवाओं और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी नेताओं पर भरोसा जताया गया है। दुर्ग शहर की कमान पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल को सौंपी गई है। वहीं दुर्ग ग्रामीण की जिम्मेदारी एक बार फिर राकेश ठाकुर को दी गई है।
दुर्ग शहर अध्यक्ष के रूप में पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल की नियुक्ति को सर्वाधिक चौंकाने वाला माना जा रहा है। बताया गया है कि पूर्व विधायक अरुण वोरा से दूरी के चलते उनके नाम पर अड़ंगा लग गया था, लेकिन अंतत: शीर्ष नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया। राकेश ठाकुर की दोबारा नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही थी। हाल के महीनों में सरकार के खिलाफ सक्रियता के साथ महत्वपूर्ण आंदोलनों में उनकी भूमिका को संगठन सृजन अभियान में लाभ मिला। पर्यवेक्षकों के सामने कार्यकर्ताओं ने सर्वसहमति से उनका नाम आगे बढ़ाया था।
भिलाई का कमान मुकेश को दोबारा
भिलाई नगर संगठनात्मक जिले में भी मुकेश चंद्राकर को दोबारा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस ने इस बार बड़े नेताओं की सिफारिश के बजाए जमीनी कार्यकर्ताओं की पसंद और मैदानी सक्रियता को महत्व देने की रणनीति अपनाई है। इसी मकसद से पूरे प्रदेश में संगठन सृजन अभियान चलाया गया।
दिल्ली के पर्यवेक्षक ने की थी रायशुमारी
इस अभियान के तहत उत्तरप्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में दुर्ग जिले के तीनों संगठन जिलों का दौरा किया था। उन्होंने सप्ताह भर तक कार्यकर्ताओं और संस्था संगठनों के पदाधिकारियों से रायशुमारी की और इसके आधार पर 6 नामों की सूची एआईसीसी को सौंपी थी।