CAT officials are distributing lists of indigenous and foreign goods door-to-door.
दुर्ग । स्वावलंबी भारत अभियान अंतर्गत भारत वर्ष में चलाए जा रहे स्वदेशी अपनाओ-विदेशी हटाओ अभियान के तहत एमएसएमई एवं कैट दुर्ग इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भेंट एवं विचार-विमर्श बैठक एवं भेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक में भारत सरकार के एमएसएमई डीएफओ रायपुर सहायक निदेशक योगेश कुमार, उद्यमिता विशेषज्ञ प्रेम आनंद राव, स्वावलंबी भारत अभियान छत्तीसगढ़ के प्रांत सह समन्वयक संजय चौबे, एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, कैट दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष प्रकाश सांखला, महिला इकाई अध्यक्ष सुश्री पायल जैन, कैट चेयरमैन पवन बडजात्या, युवा इकाई अध्यक्ष रवि केवलतानी एवं अन्य पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी-विदेशी वस्तुओं की तुलनात्मक सूचियां तथा स्वावलंबन की ओर बढ़ता भारत नामक पुस्तक सभी गणमान्य अतिथियों को भेंट की गई। कैट दुर्ग इकाई अध्यक्ष प्रकाश सांखला एवं महिला इकाई अध्यक्ष सुश्री पायल जैन, युवा इकाई अध्यक्ष रवि केवलतानी ने बताया कि स्वदेशी-विदेशी वस्तुओं की सूची वितरण कर घर-घर जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि कौन सी विदेशी वस्तुओं के स्थान पर भारतीय उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है। विदेशी ब्रांडों के विकल्प के रूप में स्थानीय एमएसएमई इकाइयों एवं ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सूची में दैनिक जीवन की वस्तुएं शामिल की गई हैं, जैसे साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, मोबाइल ऐप्स, फर्नीचर, पैकेज्ड फूड आदि शामिल हैं।
दुर्ग जिला कैट महिला इकाई अध्यक्ष सुश्री पायल जैन ने बताया कि आगामी 5 अक्टूबर को महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी महिलाओं को न सिर्फ बाजार देगी बल्कि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाएगी। कैट चेयरमैन पवन बड़जात्या ने कहा कि महिलाओँ के लिए आयोजित यह प्रदर्शनी महिला सशक्तिकरण व महिला उद्यमियता की दिशा में बड़ा कदम होगा। स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत सह समन्वयक संजय चौबे ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट कार्यशाला आगामी माह से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विशेष प्रशिक्षण एवं स्किल डेवलपमेंट कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सिलाई, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों का प्रशिक्षण शामिल रहेगा। मोहम्मद अली हिरानी ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि जन–जन तक स्वावलंबन का संदेश पहुँचाने का आंदोलन है।