राज्य सरकार के स्वच्छता अभियान को लेकर भगवा (भारतीय गण वार्ता) पार्टी ने तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने अभियान को जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जमीनी सफाई करने के बजाय दीवारों पर पेंटिंग और स्वच्छता संदेश लिखवाकर सिर्फ दिखावा कर रही है।

देवेश मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में स्वच्छता अभियान के नाम पर मुख्य सड़कों, चौराहों और दीवारों को रंग-रोगन किया जा रहा है, जबकि मोहल्लों, वार्डों और गांवों में गंदगी की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में अब भी कचरा डंप किया जा रहा है, नालियों की सफाई नियमित नहीं हो रही और कई स्थानों पर गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मूलभूत सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं हैं, तब केवल दीवारों पर चित्रकारी और स्वच्छता संदेश लिखने से शहर साफ नहीं होंगे। प्लास्टिक और पॉलीथिन के उपयोग पर भी प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, होटलों और सार्वजनिक संस्थानों में भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

जागरूकता पर हो काम
मिश्रा ने कहा कि सरकार को दिखावटी गतिविधियों के बजाय लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने और व्यवहार परिवर्तन पर काम करना चाहिए। उनके मुताबिक यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह अभियान भी पिछले वर्षों की तरह केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवा (भारतीय गण वार्ता) पार्टी स्वयं को सनातन मूल्यों पर आधारित राजनीतिक दल मानती है और समाज के सभी वर्गों के हितों तथा समग्र विकास के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा पर भी साधा निशाना
एक सवाल के जवाब में देवेश मिश्रा ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों या कमियों पर सवाल उठाने वालों को हिंदू विरोधी बताने का माहौल बनाया जा रहा है। उनके अनुसार भाजपा ने ऐसा राजनीतिक नैरेटिव तैयार कर दिया है कि सरकार का विरोध करने वाला व्यक्ति स्वतः हिंदू विरोधी घोषित कर दिया जाता है।


