कोविड-19 महामारी ने जिन बच्चों से बचपन में ही माता-पिता का साया छीन लिया, उनके चेहरों पर फिर से उम्मीद की मुस्कान लाने की कोशिश सोमवार को दुर्ग कलेक्ट्रेट में देखने को मिली। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कोविड में अनाथ हुए 10 बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर न केवल उनका हाल-चाल जाना, बल्कि उनके सपनों, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर भी खुलकर बातचीत की।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रीति टंडन, करीना टंडन, स्पनिल बोस, दुष्यंत कुमार साहू, जयंत कुमार साहू, वैभव बंजारे, सुल्ताना खान, यमुना ठाकुर, जय ठाकुर और रविंद्र कुमार टंडन से कलेक्टर ने एक-एक कर व्यक्तिगत चर्चा की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे किस स्कूल में पढ़ रहे हैं, पढ़ाई कैसी चल रही है और आगे जीवन में क्या बनना चाहते हैं। बातचीत के दौरान माहौल पूरी तरह औपचारिक नहीं रहा। कलेक्टर ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा ही उनके जीवन को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

शासन की योजनाओं का दिलाया भरोसा
कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी बच्चे को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री केयर्स योजना और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत इन बच्चों को 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता, कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत बच्चों को प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति, स्पॉन्सरशिप योजना, महतारी दुलार योजना तथा अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
दस्तावेज भी होंगे अपडेट
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि सभी बच्चों के आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट, 18 वर्ष से अधिक आयु वाले बच्चों के वोटर आईडी कार्ड तथा जाति प्रमाण पत्र शीघ्र तैयार कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कठिनाई न हो।

सिर्फ योजनाएं नहीं, भावनात्मक संबल भी
कार्यक्रम का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि प्रशासन ने बच्चों को केवल सरकारी लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह सुना। बच्चों ने भी अपनी पढ़ाई, सपनों और भविष्य की इच्छाओं को साझा किया। कलेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रीति डांगरे, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल सहित जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

