स्वास्थ्य विभाग में शासकीय नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 10.55 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में स्मृतिनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वर्ष 2022 में नर्सिंग स्टाफ के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किश्तों में रकम लेने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, सिकोला भाठा निवासी स्वेच्छा रानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कोविड-19 काल के दौरान शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में कार्यरत रहने के समय उसकी पहचान आरोपी बिज्जू चंद्रा से हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए शासकीय चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल और जिला अस्पताल दुर्ग में नर्सिंग स्टाफ के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया।
शिकायत के मुताबिक, इसी भरोसे में आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में कुल 10 लाख 55 हजार 698 रुपये प्राप्त किए, लेकिन नौकरी नहीं लगने पर खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


शिकायत के आधार पर स्मृतिनगर चौकी, थाना सुपेला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी की तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिज्जू चंद्रा (32 वर्ष) निवासी रेलवे कॉलोनी, शास्त्री नगर, दल्लीराजहरा (हाल निवासी ग्राम जेवरा, जिला दुर्ग) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
ऐसे दिया झांसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का दावा कर पीड़िता का विश्वास जीता और इसी आधार पर विभिन्न किश्तों में बड़ी रकम हासिल कर ली। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस न होने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धनराशि देने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच करें। नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार की ठगी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

