दुर्ग जिले के हाई-प्रोफाइल विकासखंड पाटन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धौराभाठा में सरकारी फंड के उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत में पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाने और 15वें वित्त आयोग की राशि में भारी बंदरबांट का आरोप लगाते हुए उपसरपंच और वार्ड पंचों सहित ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में एक लिखित शिकायती आवेदन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कलेक्टर जनदर्शन से मिले टोकन क्रमांक 2100226004445 के अनुसार, ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पंचायत के बैंक खातों के आय-व्यय में भारी अपारदर्शिता है और निर्माण कार्यों की फर्जी जियोटैगिंग कर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।

ग्रामीणों का यह आरोप
फर्जी जियोटैगिंग का खेल – 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वीकृत विभिन्न निर्माण कार्यों की जियोटैगिंग वास्तविक कार्यस्थल से अलग स्थानों पर जाकर अपलोड की गई है। कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए ही उसे कार्य पूर्ण दर्शाने का प्रयास डिजिटल रिकॉर्ड में किया गया है।
आय-व्यय का ब्योरा गायब – ग्रामीणों और पंचों द्वारा बार-बार मौखिक और लिखित रूप से मांगे जाने के बावजूद सरपंच और सचिव द्वारा पंचायत के बैंक खातों का विवरण, बैंक स्टेटमेंट, कैश बुक, लेजर और भुगतान वाउचर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे लगातार टालमटोल कर जानकारी छुपाने का आरोप है।
फर्जी बिल और गबन की आशंका – आशंका जताई गई है कि बिना धरातल पर काम किए वेंडरों, फर्मों और ठेकेदारों को मिलीभगत कर भुगतान जारी कर दिया गया है।


पंचों ने कलेक्टर के सामने रखी मांगें
0 वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का खातावार विस्तृत ऑडिट कराया जाए।
0 पंचायत के सभी अभिलेखों जैसे- मास्टर रोल, बिल, माप पुस्तिका (एम.बी.) का सत्यापन हो।
0 जियोटैगिंग पोर्टल पर अपलोड किए गए फोटो, जीपीएस (GPS) लोकेशन और तिथि का डिजिटल सत्यापन किया जाए।
0 यदि वित्तीय अनियमितता या फर्जी बिल की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के खिलाफ सीधे एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
इन जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर कर खोला मोर्चा
इस शिकायती पत्र में ग्राम पंचायत धौराभाठा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने अपने पद नाम सहित हस्ताक्षर कर सामूहिक आक्रोश व्यक्त किया है, जिनमें मुख्य रूप से
विवेक कुमार (उपसरपंच)
वार्ड पंचगण – रीना राव (पंच-19), डेमीन (पंच-05), ममता (पंच-10), रंजीता ठाकुर (पंच-14), शशिकला (पंच-12), प्रीति यादव (पंच-15), मीरा केन (पंच-07), वरुण साहू (पंच-17), देवकुमारी (पंच-04), गंगोत्री बाई (पंच-13) एवं अन्य ग्रामीण जन शामिल हैं।

