दुर्ग के विकासखंड धमधा के ग्राम खैरझिटी में शासकीय स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन लंबे समय से खस्ताहाल होने के बावजूद उसे प्रशासन की डिस्मेंटल सूची में शामिल नहीं किया गया। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने 17 जुलाई से बच्चों की कक्षाएं पेड़ के नीचे लगाने और 15 अगस्त को गांव के बजाय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में ध्वजारोहण करने की घोषणा की है।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन वर्षों से स्कूल भवन अनुपयोगी होने के कारण कक्षाएं ग्राम पंचायत भवन में संचालित की जा रही हैं। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और पंचायत के नियमित प्रशासनिक कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत में बैठक होने पर पढ़ाई बाधित होती है, जबकि कक्षाएं लगने के दौरान पंचायत के कामकाज पर असर पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में न तो नया एवं सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध कराया गया है और न ही पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उनका कहना है कि स्कूल भवन जर्जर होने के कारण पिछले तीन वर्षों से बच्चे अपने विद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस का ध्वजारोहण भी नहीं कर पा रहे हैं।
इसी के विरोध में ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष 15 अगस्त को बीईओ कार्यालय, धमधा परिसर में ध्वजारोहण कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। वहीं, 17 जुलाई से प्रतीकात्मक रूप से पेड़ के नीचे कक्षाएं लगाकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।


ग्रामीणों का कहना है कि किसान बंधु संगठन की ओर से इस संबंध में कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया गया था, जहां जर्जर भवन को हटाकर नया स्कूल भवन बनाने का आश्वासन मिला था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि हाल ही में जिले के कई जर्जर स्कूल भवनों को डिस्मेंटल करने की सूची जारी की गई, लेकिन खैरझिटी स्कूल को उसमें शामिल नहीं किया गया, जबकि इसकी जर्जर स्थिति के संबंध में पूर्व में आवेदन और साक्ष्य प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
बैठक में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के अध्यक्ष आत्मा साहू, सरपंच डालेश्वरी वर्मा, मोतीराम वर्मा, नकुल वर्मा, कुंती वर्मा, विष्णु साहू, चिंता वर्मा, केवल वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

