सावन की दस्तक से पहले शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है। इसी कड़ी में दुर्ग शहर से पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जत्था ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले श्रद्धालुओं का परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने पुष्पमालाएं पहनाकर आत्मीय विदाई दी और उनकी मंगलमय एवं सकुशल यात्रा की कामना की।


श्रद्धालुओं ने रवाना होने से पहले बाबा बर्फानी के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए देश, प्रदेश और दुर्ग शहर की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली एवं सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने सभी यात्रियों से प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा करने की अपील की।
10 वर्षों के अनुभवी यात्रियों ने दिए सुरक्षा के मंत्र
पिछले दस वर्षों से लगातार अमरनाथ यात्रा कर रहे पंकज यादव, ऋषि साहू और संतोष तिवारी ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को मार्ग की परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धा के साथ-साथ संयम और अनुशासन भी यात्रा की सफलता के लिए आवश्यक है।

ये श्रद्धालु हुए रवाना
यात्रा पर रवाना होने वालों में जय भोले, पापा राव, आर. वासुदेव, रनवीर सिंह, हरीशचंद्र दुबे, नीतीश मिश्रा, संजय उपाध्याय, बी. खुशी, भारती नियाल, राम सोना, अनुज जैन, दुर्गा प्रसाद, विष्णु शर्मा, ए. राहुल, दिनेश यादव, बी. श्रीनिवास राव, हरीश देशमुख, गुनेश्वर, गौतम यादव, हेमचंद यादव एवं उज्ज्वल यादव शामिल हैं। श्रद्धालुओं को शुभकामनाओं के साथ विदा करते समय माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। जयघोष, पुष्पवर्षा और शुभकामनाओं के बीच रवाना हुए इस जत्थे ने दुर्ग से बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक की आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ किया।

