शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर संभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में सख्त तेवर दिखाए। कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बस्तर के समग्र विकास की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है। इसलिए अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करना, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कमजोर स्कूलों पर विशेष फोकस
बैठक में बोर्ड और वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर नियमित यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षाएं आयोजित कर विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत की जाए। प्राथमिक कक्षाओं में गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत नींव तैयार करने के लिए कैलेंडरवार, विद्यालयवार और विषयवार पढ़ाई सुनिश्चित करने तथा नियमित रिवीजन टेस्ट लेने पर भी उन्होंने जोर दिया।

बंद स्कूल फिर खुलेंगे, जर्जर भवन होंगे ध्वस्त
शिक्षा मंत्री ने बसाहटवार स्कूलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए नए विद्यालय खोलने, बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने तथा उपलब्ध बजट से आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने को कहा।
ऑनलाइन उपस्थिति पर सख्ती
बैठक में आधार बेस ऐप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों तथा वीएसके ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन स्कूलों में नेटवर्क की समस्या है, उनकी सूची कलेक्टर के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।

छात्रवृत्ति से साइकिल योजना तक की समीक्षा
समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, ड्रॉपआउट, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पद, युक्तियुक्तकरण, छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती साइकिल योजना, मध्यान्ह भोजन, निर्माण कार्यों और शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का भी विस्तृत परीक्षण किया गया। मंत्री ने पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने और अवितरित पुस्तकों का विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए।
बैठक से पहले छात्राओं को बांटी साइकिलें
समीक्षा बैठक से पहले शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती साइकिल योजना के तहत पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल और उपहार वितरित किए। उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक एच.आर. सोम सहित बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

