Celebrating Innovation and Entrepreneurship on National Startup Day in Durg
स्कूल और कॉलेज के छात्रों और स्टार्टअप्स ने दिखाया उत्साह
दुर्ग, 16 जनवरी 2026/ आज राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर दुर्ग में उत्साह और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री द्वारा 16 जनवरी 2016 को ’स्टार्टअप इंडिया’ पहल का शुभारंभ किया गया था। इस परिवर्तनकारी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को ’नौकरी के आकांक्षी’ के बजाय ’रोजगार सृजक’ राष्ट्र में बदलना और निवेश आधारित विकास को सक्षम बनाना है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आज दुर्ग में भी भव्य आयोजन किया गया।

जिला इनक्यूबेशन हब में हुआ आयोजन
इस विशेष दिवस का आयोजन जिला इनक्यूबेशन हब, दुर्ग में टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में आयोजित कार्यशाला और ’उद्योग संपर्क एवं खुला संवाद सत्र’ (इंडस्ट्री कनेक्ट और ओपन डायलॉग सेशन) में सफल उद्यमियों ने स्टार्टअप्स को नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय आर्थिक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
प्रमुख वक्ता और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विद्यार्थियों व स्टार्टअप्स के साथ सीधा संवाद किया। प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे। प्रो. सत्यजीत मजूमदार डायरेक्टर, टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन, विनय जाजू एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, स्विचऑन फाउंडेशन (असोसिएट, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी), एस.के. सिंह महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीटीआईसी) दुर्ग, आशीष वर्मा प्रबंधक, आईजीकेवी इन विशेषज्ञों ने युवाओं को रिस्क लेने, नवाचार करने और बाजार की जरूरतों को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस आयोजन में भिलाई और रायपुर के विभिन्न इनक्यूबेशन सेंटर्स, टेक्नोलॉजी और पीजी कॉलेजों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। विशेष रूप से श्री शंकराचार्य विद्यालय के स्कूली छात्रों की उपस्थिति और उनकी जिज्ञासा ने सभी का ध्यान खींचा। स्कूली स्तर पर ही उद्यमिता के प्रति यह रुझान भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर दो दिवसीय विशेष स्टार्टअप प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें स्थानीय नवाचारों की झलक देखने को मिली। नागरिकों और विद्यार्थियों ने इन स्टॉल्स पर खासी रुचि दिखाई। शुद्ध शहद उत्पाद, जूट से बने पर्यावरण अनुकूल बैग, प्राकृतिक हेयर ऑयल, हस्तनिर्मित मोमबत्तियां, कृषि एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के उत्पाद मुख्य आकर्षण रहे।
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर दुर्ग में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र में पनप रही उद्यमशीलता की संस्कृति का प्रमाण है। टीआईएसएस इनक्यूब फाउंडेशन और जिला प्रशासन के प्रयासों से स्थानीय युवाओं को एक मंच मिला है। स्कूली बच्चों से लेकर कॉलेज के छात्रों और सफल उद्यमियों का एक साथ आना यह दर्शाता है कि दुर्ग अब पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय अपनी शर्तों पर रोजगार पैदा करने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।