Durg Breaking: Protest in Durg stopping the car of BJP State President, hundreds of people were present, what is the matter after all?
दुर्ग। रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के विरोध में सैकड़ो की संख्या में जमीन खरीदी बिक्री से जुड़े लोग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे जहां पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव साय एक कार्यक्रम से वापस आ रहे थे जिसे देखकर सारे लोग उनकी गाड़ी को रोक कर ज्ञापन देने की मांग करने लगे साथ ही भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी किया ।भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस ने भी बीच बचाव करते हुए उनकी गाड़ी को वहां से निकला।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की रोकी गाड़ी
जमीन खरीदी बिक्री से जुड़े लोग सैकड़ो की संख्या में पटेल चौक से रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां पर सक्षम अधिकारी वहां आकर ज्ञापन लेने वाले थे लेकिन उसी समय एक निजी कार्यक्रम से वापस बैजनाथ पारा की ओर से आ रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के काफिले की ओर सारे लोग बढ़ गए और नाराबजी करते हुए उनके काफिले को रोक दिए। और उन्हें रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि को लेकर ज्ञापन देने की मांग करने लगे लेकिन उनके साथ उपस्थित फॉलो गाड और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीच बचाव करते हुए उन्हें वहां से गाड़ी सहित सुरक्षित निकाला।

प्रॉपर्टी डीलर मनोज राजपूत ने बताया कि रजिस्ट्री शुल्क में भाजपा सरकार ने बेतहाशा वृद्धि कर दी है जिससे आम जनता को 200 से 300% ज्यादा शुल्क लगेगा जिसके चलते जमीन के भाव में 100 से 200% तक बढ़ोतरी हो जाएगी जो कि आम जनता के पहुंच से बाहर हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी होनी चाहिए लेकिन 5 से 10% की बढ़ोतरी सामान्य रहता है इस तरह 100 से 200% तक की बढ़ोतरी आम जनता के लिए दोहरी मार है।

रजिस्ट्री हुई महंगी
भाजपा सरकार ने 20 से 40 फ़ीसदी की बढ़ोतरी सत्र 2025 26 के 8 महीने बीत जाने के बाद 20 नवंबर से पूरे छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइन (भूमि मूल्य निर्धारण) लागू कर दिया है। विलंब से संशोधन होने के कारण इसे 1 अप्रैल की बजाय अब लागू किया गया इस नीति के लागू होने के बाद जिले में जमीन के भाव 25 से 100% तक बढ़ गये है।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि शासन द्वारा रजिस्ट्री शुल्क बेतहाशा बढ़ाई गई है जिससे आम नागरिकों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है शीघ्र अतिशीघ्र रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने को वापस नहीं लिया गया तो आम जनता आंदोलन के लिए तैयार है इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।