दुर्ग, 1 अगस्त। न्यू चंडी धाम कांवरिया संघ भिलाई-दुर्ग की सुल्तानगंज से देवघर तक निकाली जा रही कांवड़ यात्रा के दौरान एक दुखद घटना सामने आई। यात्रा में शामिल दुर्ग जिले के अंजोरा निवासी प्रियेश सिंह राजपूत की पदयात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।


जानकारी के अनुसार, संघ की कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर देवघर के लिए रवाना हुई थी। यात्रा का पहला रात्रि विश्राम बिहार के बांका जिले के ग्राम धोबी में किया गया। 31 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे यात्रा पुनः शुरू हुई। इसी दौरान सुबह लगभग 6 बजे सूचना मिली कि सबसे आगे चल रहे प्रियेश सिंह राजपूत अचानक बेहोश होकर गिर पड़े हैं।


ग्रुप के वरिष्ठ सदस्यों ने तत्काल अकोला (महाराष्ट्र) के चिकित्सक डॉ. आशीष देहनकर को अन्य सदस्य के साथ घटनास्थल पर भेजा। प्राथमिक जांच के बाद प्रियेश को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल तारापुर (जिला मुंगेर, बिहार) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पोस्टमार्टम एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए मृतक के परिजनों की उपस्थिति आवश्यक बताई। प्रशासनिक औपचारिकताओं को देखते हुए न्यू चंडी धाम कांवरिया संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं नगर पालिका निगम रिसाली के सभापति केशव बंछोर ने दुर्ग सांसद विजय बघेल के निजी सहायक निलेश देशमुख को पूरी जानकारी दी।


सूचना मिलते ही सांसद विजय बघेल ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए छत्तीसगढ़ और बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कराई गईं और सरकारी व्यवस्था के माध्यम से संघ के कुछ सदस्यों के साथ प्रियेश सिंह राजपूत का शव उनके गृहग्राम अंजोरा (दुर्ग) के लिए रवाना किया गया।

इस दौरान न्यू चंडी धाम कांवरिया संघ के वरिष्ठ सदस्य सोमेश भट्टाचार्य, यन्नेद्र कोसे, नीरेश चंद्राकर, लालू श्रीवास्तव, गोपाल गुप्ता, पंडित के.एन. पांडे, पुराण तिवारी, भारत साहू, सोमनाथ यादव, दीपक धनकर, विजय आस्टीकर, आलोक ताम्रकार, राजेश पाल, सचिन महाजन, विशाल शाह, पियूष संघवी सहित अन्य सदस्यों ने सांसद विजय बघेल तथा बिहार एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
फिलहाल, इस दुखद घटना से न्यू चंडी धाम कांवरिया संघ के सभी सदस्य शोकाकुल हैं।
