दुर्ग। पुलगांव थाना क्षेत्र में महिला की हत्या के सनसनीखेज अंधे कत्ल का दुर्ग पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और गहन पूछताछ के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाई। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, वारदात के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को भगवंतीन साहू मजदूरी के लिए घर से निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दौरान पुलगांव नाला फ्लाईओवर के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। जिला अस्पताल में परिजनों ने शव की पहचान भगवंतीन साहू के रूप में की। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने पर पुलगांव थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस का संदेह हर्ष यादव (19) निवासी पीसेगांव तथा नितेश ठाकुर (20) निवासी चंदखुरी पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन दोनों शराब के नशे में थे। उन्होंने महिला को पैसों का लालच देकर पुलगांव नाला स्थित सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। महिला के विरोध करने और पुलिस में शिकायत की चेतावनी देने पर दोनों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने गमछे से गला दबाया, जबकि दूसरे ने बोल्डर पत्थर से सिर और चेहरे पर हमला किया। इसके बाद दूसरे आरोपी ने भी पत्थर से वार कर महिला की हत्या कर दी।

वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और कपड़े बदलकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पत्थर, कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है तथा अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस या डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
