छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान दुर्ग जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझा। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर विधानसभा की कार्यप्रणाली, संविधान और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद किया।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी पाठशाला भी है। यहां का प्रत्यक्ष अनुभव विद्यार्थियों में संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करता है।
उन्होंने बताया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पाऊवारा, कोड़िया, चंदखुरी सहित दुर्ग जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही देखी और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े अनेक सवाल पूछे। मंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका, विधानसभा की कार्यप्रणाली और जनसेवा के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि विद्यार्थियों को संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस तरह के अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सीखने की उत्सुकता की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि विधानसभा का यह अनुभव उनके भविष्य और लोकतांत्रिक समझ को नई दिशा देगा।
