कोरबा। अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया” कोरबा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलगीखार में युवाओं के लिए डिवाइन वर्कशॉप एवं “नशा मुक्त भारत” अभियान का प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच, राष्ट्रभक्ति एवं व्यसनमुक्त जीवन के संस्कार विकसित करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कन्हैया लाल चौहान ने परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन-दर्शन एवं प्रेरक सूत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा चरित्रवान, संस्कारवान और नशामुक्त होंगे, तो भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा।” उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग, आत्मअनुशासन, स्वाध्याय और सेवा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

दिया नारी जागरण प्रमुख सुश्री सविता साहू और आस्था साहू ने सकारात्मक चिंतन, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रेरक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने कहा कि “सकारात्मक सोच ही सफलता का प्रथम सोपान है। नशा व्यक्ति की प्रतिभा, परिवार और भविष्य तीनों को नष्ट कर देता है।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों को नशा न करने और नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प भी दिलाया।


दिया जिला संयोजक विजेंद्र यादव ने युवाओं के कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की महान संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और युवाशक्ति ही देश को पुनः विश्वगुरु बनाएगी। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, सेवा, संस्कार और चरित्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।


दिया जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र केवट ने परम पूज्य गुरुदेव के प्रेरणादायी साहित्य का विद्यार्थियों के बीच निःशुल्क वितरण किया तथा नियमित स्वाध्याय और सद्विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के प्राचार्य स्नेह शर्मा सहित समस्त शिक्षकगण ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

इस अवसर पर विद्यालय के सम्मानित शिक्षकगण स्नेहा शर्मा, कमला साहू, संजय साहू, राजू केवर्त, नीतिमा देवांगन, अर्जुन नेताम, मालती केंवर, रेशुका साहू, विन गोपाल, रोमा श्रीवास, शुभम साहू तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों द्वारा “नशा मुक्त भारत – संस्कारयुक्त भारत” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।