दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य प्रदेश कर्मचारी संघ की दुर्ग इकाई ने जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता के नेतृत्व में गुरुवार, 2 जुलाई को दोपहर 1 बजे भोजन अवकाश के दौरान सिविल सर्जन कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन एनीमिया से पीड़ित एक महिला की रक्त उपलब्ध नहीं होने से हुई मृत्यु के मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा पाँच संविदा कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई के विरोध में किया गया।

संघ का आरोप है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किए बिना कर्मचारियों पर एकपक्षीय कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि मामले की तकनीकी और चिकित्सकीय पहलुओं की गहन जांच कर वास्तविक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
संघ के सदस्य निगार प्रवीण ने बताया कि मृतका के पिता रक्तदान के लिए तैयार थे, लेकिन अधिक आयु होने के कारण उनसे रक्त नहीं लिया जा सकता था। उन्हें डोनर या संबंधित ब्लड ग्रुप की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया था, कोई दबाव नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि उस दौरान ब्लड बैंक में दो अन्य मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया था। यदि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होती तो संबंधित मरीज को भी रक्त उपलब्ध कराया जा सकता था। ब्लड बैंक के तकनीशियन के अनुसार मृतका के परिजन बिना आवश्यक सैंपल के ब्लड लेने पहुंचे थे, जबकि क्रॉस मैचिंग के लिए सैंपल अनिवार्य होता है।

जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि विभागीय जांच पूरी तरह एकतरफा प्रतीत होती है। उनका कहना है कि मामले की जांच किसी उच्च स्तरीय चिकित्सकीय समिति से कराई जानी चाहिए। यदि किसी कर्मचारी से पहली बार त्रुटि हुई है तो बर्खास्तगी जैसे कठोर कदम के बजाय चेतावनी या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए।

संघ के पदाधिकारी सैयद असलम ने कहा कि यदि बर्खास्त कर्मचारियों को पुनः सेवा में नहीं लिया गया तो 5 जुलाई को संभाग स्तर पर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी जांच समिति में संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए, ताकि वे अपने कार्यप्रणाली और प्रोटोकॉल से समिति को अवगत करा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर नहीं दिया गया।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए भी स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं होने देते हैं। आंदोलन के दौरान भी आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं निरंतर संचालित रखी जाती हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता, प्रदेश महामंत्री सैयद असलम, संभागीय अध्यक्ष अजय नायक, महामंत्री लक्ष्मीकांत धोटे, जिला सचिव खिलावन चंद्राकर, अस्पताल संयोजक राघवेंद्र साहू, भूपेंद्र उपाध्याय, धनीराम ठाकुर, रोशन, मंजू डे, महेंद्र चंद्राकर, हेमलता, सुनील, पी डी मारकंडे, स्वर्ण लता, तुरकाने. सनी चेरियन, देवेंद्र देशमुख,कुलेश्वर देशमुख उपस्थित रहे।
