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दुर्ग शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बनाए गए रायपुर नाका और बोरसीभाठा अंडरब्रिज अब आम लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। दोनों अंडरब्रिजों की जर्जर हालत को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रशासन और निर्माण एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए निर्माण गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

वोरा ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए अंडरब्रिजों की स्थिति चिंताजनक है। रायपुर नाका अंडरब्रिज में सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जबकि कई हिस्सों में लगी लोहे की प्लेटें टूट गई हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए हर दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

बारिश में बढ़ी मुश्किलें

अरुण वोरा ने कहा कि मानसून की शुरुआत के साथ ही रायपुर नाका अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या फिर सामने आने लगी है। पानी भर जाने के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हर वर्ष यही स्थिति बननी थी तो निर्माण के समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

बोरसीभाठा अंडरब्रिज पर भी सवाल

वोरा ने बोरसीभाठा अंडरब्रिज का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना अभी छह महीने पहले ही शुरू हुई है, लेकिन सड़क उखड़ने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम अवधि में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

जनता पूछ रही—जिम्मेदार कौन?

पूर्व विधायक ने कहा कि शहरवासी यह जानना चाहते हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी किसने की और करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ऐसी स्थिति क्यों बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और निगरानी की कमी का खामियाजा अब आम नागरिक भुगत रहे हैं।

तत्काल मरम्मत और जांच की मांग

अरुण वोरा ने प्रशासन, रेलवे और संबंधित विभागों से मांग की कि दोनों अंडरब्रिजों का संयुक्त निरीक्षण कर तकनीकी खामियों की जांच कराई जाए। साथ ही टूटी सड़कों, क्षतिग्रस्त प्लेटों और जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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