शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव गुरुवार को औपचारिक मंच तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सीधे कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों के बीच बैठे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय और भविष्य के सपनों पर चर्चा की तथा नए शिक्षा सत्र की शुरुआत उत्साह और आत्मीयता के साथ कराई। दीपकनगर और तितुरडीह स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तथा पंचशील नगर के शासकीय चंद्रशेखर आजाद विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इस दौरान विद्यार्थियों को गणवेश और जूते भी वितरित किए गए।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि नया शिक्षा सत्र बच्चों के नए सपनों और नई उम्मीदों का प्रारंभ है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालयों में आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल संसाधन और बेहतर शिक्षण व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों को कठिन विषयों को सरलता से समझने में मदद मिलेगी और वे भविष्य की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं एवं बदलते दौर की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।
बच्चों से पूछा—बड़े होकर क्या बनना चाहते हो?
क्लासरूम में पहुंचकर शिक्षा मंत्री ने बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों के उत्साह और सीखने की जिज्ञासा की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें नियमित विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।

पालकों और शिक्षकों से भी किया संवाद
यादव ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पालकों के सहयोग से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

