प्रशासन की सख्ती और डीपीआई के अल्टीमेटम के बाद बैकफुट पर संघ, एक माह की मोहलत देकर हड़ताल स्थगित
दुर्ग। नियमितीकरण और संविलियन की मांग को लेकर दुर्ग में जारी विद्यामितान (अतिथि शिक्षक) संघ का आंदोलन बीते 24 घंटों में हाई-प्रोफाइल ड्रामे और तीखी खींचतान का गवाह बना। देर रात पुलिस ने अचानक कड़ा एक्शन लेते हुए धरना स्थल को खाली करा लिया और 50 से अधिक आंदोलनकारी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, आधी रात हुए इस पुलिसिया प्रहार और तीखी कार्रवाई के बावजूद आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए। तड़के से ही बड़ी संख्या में विद्यामितान फिर से धरना स्थल पर डट गए और प्रशासन के सामने “मांगें पूरी होने तक लड़ाई जारी रखने” का दो-टूक ऐलान कर दिया।

लोक शिक्षण संचालनालय का कड़ा फरमान
आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ ने भी सख्त रुख अपनाया। डीपीआई ने आदेश जारी करते हुए सभी हड़ताली अतिथि शिक्षकों को 27 तारीख तक अपनी-अपनी शालाओं में अनिवार्य रूप से जॉइनिंग देने के निर्देश दिए। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि समय सीमा पर ड्यूटी न जॉइन करने की स्थिति में उनकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी और नई नियुक्तियां कर दी जाएंगी।

सख्ती और अल्टीमेटम के बीच हड़ताल स्थगित
एक तरफ पुलिसिया कार्रवाई और दूसरी तरफ बर्खास्तगी की सीधी चेतावनी के बाद विद्यामितान संघ ने अपनी रणनीति बदली। देर शाम संघ के प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसके बाद हड़ताल को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया।
विद्यामितान संघ का बयान
“प्रशासनिक दबाव और छात्रों के भविष्य को देखते हुए हम 27 तारीख से पूर्व अपने काम पर लौट रहे हैं। हालांकि, यह हमारी हार नहीं है। संघ ने सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में हमारी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।”

