दुर्ग जिले के नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। राज्य शासन ने गुरुवार शाम दुर्ग नगर निगम सहित जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के लिए मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की सूची जारी कर दी। लगभग दो वर्ष से लंबित इन नियुक्तियों को लेकर स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार चर्चा बनी हुई थी। अब सूची जारी होने के साथ ही निगम की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।

दुर्ग जिले के सबसे महत्वपूर्ण नगरीय निकाय दुर्ग नगर निगम के लिए शासन ने नौ एल्डरमैन नियुक्त किए हैं। इनमें मदन वाढई, चमेली साहू, अनूप सोनी, तुलसी यादव, दशरथ निर्मलकर, गौरव शर्मा, तेखन सिन्हा, कांतिलाल जैन (गोलू) और नरेश तेजवानी को मनोनीत किया गया है। सूची में ऐसे कार्यकर्ताओं को स्थान मिला है जो लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
संगठन पर भरोसे का संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। लंबे समय से संगठन में सक्रिय नेताओं को अवसर देकर पार्टी ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजबूत करने की कोशिश की है। आने वाले समय में यही चेहरे निगम की विभिन्न समितियों और शहर के विकास से जुड़े विषयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।


सामाजिक समीकरण भी साधने का प्रयास
सूची पर नजर डालें तो सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व का संतुलन दिखाई देता है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि नियुक्तियों में हुई देरी के पीछे प्रमुख कारण संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों के बीच संतुलन बनाना था। अंतिम सूची में इसी संतुलन को प्राथमिकता दिए जाने के संकेत मिलते हैं।
निगम की राजनीति में बढ़ेगी सक्रियता
एल्डरमैन नियुक्ति के बाद अब दुर्ग नगर निगम की स्थायी समितियों और अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया भी गति पकड़ सकती है। मनोनीत पार्षदों की सक्रिय भागीदारी से सदन के भीतर भाजपा की संगठनात्मक उपस्थिति और प्रभाव बढ़ने की संभावना मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह नियुक्ति केवल रिक्त पदों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम की कार्यशैली, संगठनात्मक समन्वय और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है। फिलहाल लंबे इंतजार के बाद जारी हुई इस सूची ने दुर्ग नगर निगम की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत जरूर दे दिए हैं।

