भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लोहा एवं स्क्रैप चोरी के मुद्दे ने अब राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर लिया है। दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन एवं भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी गई शिकायत पर कार्रवाई शुरू हो गई है। पीएमओ द्वारा शिकायत संबंधित विभाग को भेजे जाने के बाद बीएसपी प्रबंधन ने पूरे मामले में अपना आधिकारिक जवाब प्रस्तुत किया है।

बीएसपी के वरिष्ठ प्रबंधक निवेश विजयन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि संयंत्र की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) तैनात है और सुरक्षा मानकों के अनुरूप निगरानी की जाती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चोरी या अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है।
बीएसपी ने माना, पुलिस जांच जारी
अपने जवाब में बीएसपी प्रबंधन ने यह भी स्वीकार किया है कि स्क्रैप चोरी से जुड़े मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है और प्रकरण अभी विवेचनाधीन है। हाल ही में दुर्ग पुलिस द्वारा करोड़ों रुपये मूल्य के स्क्रैप जब्ती और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सुर्खियों में रहा है।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
शिकायतकर्ता डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि बीएसपी देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक संपत्ति है और वहां होने वाली किसी भी प्रकार की चोरी या अनियमितता गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा
पीएमओ तक मामला पहुंचने और उसके बाद बीएसपी द्वारा जवाब दिए जाने से यह मुद्दा अब केवल चोरी की घटना तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं मामले में राजनीतिक रसूखदारों की संलिप्पता की भी चर्चा है। जांच पूरी होने तक सभी की नजरें पुलिस और बीएसपी प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

